लौट जाती है दुनीया गम हमारा देखकर,
जैसे लौट जाती है लहरें किनारा देखकर,
तु कंधा ना देना मेरे जनाजे को..
कहीं फिर से ज़िन्दा ना हो जाऊँ तेरा सहारा देखकर..
जैसे लौट जाती है लहरें किनारा देखकर,
तु कंधा ना देना मेरे जनाजे को..
कहीं फिर से ज़िन्दा ना हो जाऊँ तेरा सहारा देखकर..
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